–सैदपुर-अमीरनगर अंडरपास के पास हुआ हादसा; रेत से भरा था ओवरलोड ट्रक, ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
मुजफ्फरनगर (रिपोर्ट: सोमित प्रजापति): तितावी थाना क्षेत्र के सैदपुर-अमीरनगर अंडरपास के नीचे मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां पशुओं के लिए खेत से चारा लेने जा रही एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को रेत से भरे तेज रफ्तार ट्रक ने बेरहमी से कुचल दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
तस्वीर की तरह बिखरा पड़ा था मंजर
मृतक महिला की पहचान 60 वर्षीय मोना उर्फ दलबीरी पत्नी दलबीर के रूप में हुई है। मंगलवार को वह रोज की तरह अपने पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर जा रही थीं। जैसे ही वह सैदपुर-अमीरनगर अंडरपास के नीचे पहुंची, तभी रेत से लदे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। मोना ट्रक के पहिए के नीचे आ गईं।
हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक को लोगों न दबोच लिया और उसकी धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही बदहवास ग्रामीण मौके पर पहुँचे और कड़ी मशक्कत के बाद महिला के शव को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग से सहमे ग्रामीण
इस हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ गहरा गुस्सा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ये भारी वाहन मुख्य हाईवे को छोड़कर ग्रामीण रास्तों और अंडरपास से होकर गुजरते हैं। संकरी सड़कों पर इन भारी ट्रकों की तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में भारी वाहनों के प्रवेश पर तुरंत रोक लगाई जाए और अवैध खनन व ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
बड़ा सवाल: जब हाईवे है, तो ग्रामीण रास्तों पर क्यों दौड़ रहे हैं मौत के सौदागर?
इस हादसे ने एक बार फिर स्थानीय यातायात व्यवस्था और नियमों के उल्लंघन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
सवाल यह उठता है कि जब भारी और कमर्शियल वाहनों के लिए चौड़े हाईवे उपलब्ध हैं, तो फिर ये रेत से भरे भारी ट्रक नियमों को ताक पर रखकर अंडरपास और ग्रामीण रिहायशी मार्गों का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं? क्या चंद रुपयों या टोल टैक्स बचाने के फेर में यूं ही मासूमों की जान दांव पर लगती रहेगी?
प्रशासन को अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में किसी और ‘मोना’ को अपनी जान न गंवानी पड़े।




