मुजफ्फरनगर: जुलाई आते ही आसमान से राहत की बूंदें तो गिर रही हैं, लेकिन ज़मीन पर ये बूंदें आपके लिए आफत बन सकती हैं। अगर आप भी अपने घर के कूलर, गमलों या छत पर कबाड़ में पानी जमा करके बैठे हैं, तो संभल जाइए! आपके घर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के ‘यमदूत’ पल रहे हैं। इसी खतरे को भांपते हुए मुजफ्फरनगर स्वास्थ्य विभाग ने आज से मच्छरों और बीमारियों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है।
बुधवार को CMO डॉ. सुनील तेवतिया ने कड़े तेवरों के साथ ‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ का आगाज़ किया। उन्होंने जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पूरे जुलाई महीने गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर लोगों को सचेत करेंगे।
अब घर-घर आएगी ‘स्वास्थ्य पुलिस’, चेक होगा आपका कूलर!
यह कोई मामूली सरकारी अभियान नहीं है। इस बार स्वास्थ्य विभाग की टीमें आपके घर के भीतर तक की चेकिंग करेंगी।
- क्या है प्लान: टीमें देखेंगी कि आपने कहीं पानी तो जमा नहीं होने दिया? मच्छरों के छिपने के ठिकानों (सोर्स रिडक्शन) को ऑन-द-स्पॉट तबाह किया जाएगा।
- CMO की दो टूक: डॉ. सुनील तेवतिया ने साफ कहा कि डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियां हमारी खुद की गंदगी से फैलती हैं। अगर किसी को भी बुखार आए, तो खुद मेडिकल स्टोर से दवा लाकर खाने या झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाकर जान जोखिम में डालने की गलती बिल्कुल न करें। सीधे सरकारी अस्पताल आएं, यहाँ सब कुछ मुफ्त है।
मच्छरों के अड्डों पर चलेगी ‘एंटी-लार्वा’ गन
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने कहा कि मच्छरों को पनपने से पहले ही मारने का फुलप्रूफ प्लान तैयार है। पूरे जिले में फॉगिंग मशीनें दौड़ेंगी और जमा पानी में एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव किया जाएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनु चौधरी, डॉ. अजय शाही और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शमशेर आलम सहित डॉक्टरों की पूरी फौज इस मुहिम को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतर चुकी है।
पब्लिक के लिए ‘कड़क’ संदेश:
“सरकार फॉगिंग करा सकती है, दवा छिड़क सकती है, लेकिन आपके घर के भीतर आकर सोए हुए बच्चे को मच्छरदानी में बंद नहीं कर सकती। यह जंग सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की नहीं, आपकी और हमारी भी है। अपनी सुरक्षा अपने हाथ!”




