मुजफ्फरनगर: जनपद में समाजवादी पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह अब पूरी तरह बेकाबू हो चुकी है। पूर्व जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन द्वारा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी पर पार्टी को ‘एक नेता के यहां गिरवी रखने’ का आरोप लगाकर दिए गए इस्तीफे की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि सपा को दो और बड़े झटके लग गए हैं। चूंकि 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है और ऐसे में एक–एक कार्यकर्ता की सक्रियता बहुत ही महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में सपा नेताओं की नाराजगी पार्टी को चुनाव में काफी नुकसान पहुंचा सकती है।
सपा नेता और जिला कार्यकारिणी सदस्य नरेश कुमार पाल तथा शाहपुर के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश चंद पाल ने जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से खिन्न होकर अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। चार जुलाई 2026 को प्रदेश अध्यक्ष को भेजे गए इन इस्तीफों ने जिले की सपा राजनीति में खलबली मचा दी है।
“कार्यकर्ताओं से दुर्व्यवहार और व्यक्ति विशेष की गुलामी हो रही”— नरेश कुमार पाल
सपा जिला कार्यकारिणी सदस्य नरेश कुमार पाल ने अपने त्याग पत्र में सीधे जिलाध्यक्ष जिया चौधरी को निशाने पर लिया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि “वर्तमान जिलाध्यक्ष जिया चौधरी की कार्यशैली पार्टी हित में बिल्कुल नहीं है। वे लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं से दुर्व्यवहार कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली सिर्फ एक ‘व्यक्ति विशेष’ की निष्ठा तक ही सीमित रह गई है, जिससे संगठन को भारी नुकसान हो रहा है।”
नरेश पाल ने सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वर्तमान जिलाध्यक्ष को तुरंत नहीं बदला गया, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने 2027 में सपा की सरकार बनाने के लिए गुटबाजी से दूर रहने वाले नेता को जिलाध्यक्ष बनाने की मांग की है।
“कुछ विशेष लोगों तक सिमट गए हैं जिलाध्यक्ष”— ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश चंद पाल
शाहपुर ब्लॉक अध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत सदस्य (5 बार) व पूर्व ग्राम प्रधान (2 बार) रह चुके कद्दावर नेता सुरेश चंद पाल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पत्र में अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा कि “जिलाध्यक्ष जिया चौधरी की कार्यप्रणाली से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। उनकी निष्ठा कुछ विशेष लोगों तक ही सिमट कर रह गई है। पार्टी और कार्यकर्ताओं के भविष्य को देखते हुए मैं शाहपुर ब्लॉक अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे रहा हूँ।”
सुरेश चंद पाल ने आगे लिखा कि वे पद पर रहें न रहें, लेकिन पार्टी के लिए हमेशा निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।
साजिद हसन के बाद ‘इस्तीफा पार्ट-2’ से होगा बड़ा असर!
गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले सपा नेता साजिद हसन ने जिलाध्यक्ष पर सपा को अपनी ‘बपौती’ बनाने का आरोप लगाकर सनसनी मचा दी थी। साजिद हसन के उस बड़े धमाके के बाद नरेश कुमार पाल और सुरेश चंद पाल के इन ताजा इस्तीफों ने यह साबित कर दिया है कि मुजफ्फरनगर सपा में जिलाध्यक्ष के खिलाफ असंतोष की लहर कितनी गहरी है।
एक के बाद एक हो रहे इन बड़े इस्तीफों और सीधे ‘आकाओं’ व ‘व्यक्ति विशेष’ की गुलामी करने के आरोपों ने जिया चौधरी खेमे को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि लखनऊ में बैठे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर सपा को बिखरने से बचाने के लिए क्या एक्शन लेते हैं!




