मुजफ्फरनगर: जनपद के थाना रामराज पुलिस और एसओजी देहात की टीम ने एक ऐसी सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है, जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। पुलिस ने एक युवती समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक युवक को प्रेम जाल में फंसाकर पहले अगवा किया और फिर हथियारों के बल पर उससे लूटपाट की।
रंजिश, प्रेमिका और ‘हनीट्रैप’ का घातक कॉम्बिनेशन:
पुलिस पूछताछ में जो कहानी सामने आई वह हैरान करने वाली है। वारदात का मास्टरमाइंड ‘समरेज’ नाम का युवक है, जिसका पीड़ित तालिब (ट्रक ड्राइवर) के भाई समीर निवासी जौली थाना भोपा से पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए समरेज ने एक खतरनाक योजना बनाई। उसने अपनी प्रेमिका को इस साजिश में शामिल किया। योजना के मुताबिक, समरेज की प्रेमिका आयशा (बदला हुआ नाम) ने पीड़ित ‘तालिब’ से सोशल मीडिया के जरिए जान-पहचान बढ़ाई और उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। चार मई को युवती ने तालिब को मिलने के बहाने बुलाया और उसे अपनी लोकेशन भेजी।
सड़क पर टक्कर मारकर किया अगवा:
जब तालिब अपनी स्कूटी से प्रेमिका से मिलने जा रहा था, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे समरेज और उसके साथियों ने अपनी स्विफ्ट कार से तालिब की स्कूटी को टक्कर मार दी। तालिब के गिरते ही आरोपियों ने उसे जबरन कार में खींच लिया और जंगल में एक सरकारी ट्यूबवेल पर ले गए।
लूटपाट और वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग:
आरोपियों ने तालिब के साथ मारपीट की, उसकी जेब में रखी नकदी छीनी और हथियार के बल पर उसका एटीएम कार्ड व पिन नंबर ले लिया। बदमाशों ने उसके खाते से 20,000 रुपये निकाल लिए। इतना ही नहीं, बदमाशों ने पीड़ित को डराने के लिए उसकी पिस्टल के साथ एक वीडियो भी बना ली, ताकि वह पुलिस के पास न जा सके। बदमाशों ने धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो वे वीडियो वायरल कर उसे ही फंसा देंगे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी:
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और सीओ जानसठ ऋषिका सिंह के नेतृत्व में थाना रामराज पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच की। छह मई को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर घटना में शामिल एक मास्टरमाइंड आरोपी की प्रेमिका आयशा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- नईम (पुत्र जहीरूद्दीन), निवासी मीरापुर
- अनस (पुत्र नजीर), निवासी मीरापुर
- सुमित सैनी (पुत्र खूब सिंह), निवासी ग्राम मुझेडा
- आयशा पुत्री अहसान निवासी थाना भोपा।
आरोपियों से यह की गई बरामदगी:

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार (HR 51 AS 6211), एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, पीड़ित का एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, लूटी गई रकम में से 5800 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा, कारतूस और दो चाकू बरामद किए हैं।
खंगाला जा रहा आरोपियों का आपराधिक इतिहास:
इस सफल अनावरण के लिए एसएसपी ने थानाध्यक्ष रामराज ज्ञानेन्द्र सिंह, एसओजी देहात प्रभारी मोहित चौधरी और उनकी पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है, ताकि गिरोह की अन्य गतिविधियों का भी पता लगाया जा सके। इसी के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में प्रयुक्त पिस्टल किसकी है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने टीम को सराहा:
इस सफल खुलासे के बाद पीड़ित के परिजनों ने मुजफ्फरनगर पुलिस का आभार व्यक्त किया। पीड़ित के चाचा और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शाइम हसन ने पुलिस मुख्यालय पहुँचकर अधिकारियों से मुलाकात की और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

- अधिकारियों का सम्मान: अधिवक्ता शाइम हसन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा, एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और सीओ जानसठ ऋषिका सिंह को बुके भेंट कर उनका आभार जताया।
- टीम को प्रोत्साहन: पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और पेशेवर रवैये से खुश होकर अधिवक्ता ने घटना का खुलासा करने वाली पूरी पुलिस टीम को ट्रेकसूट देकर सम्मानित किया।
- सराहना: उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और तत्परता से ‘हनीट्रैप’ जैसे जटिल मामले का पर्दाफाश किया, उससे समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है।
सावधान रहें: यह घटना हमें सिखाती है कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती और उनकी लोकेशन पर मिलने जाना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।




