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प्रदूषण से हाहाकार: ग्रामीण पलायन को मजबूर, विधायक मिथलेश पाल ने CM योगी को लिखा पत्र

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मुजफ्फरनगर: जनपद के भोपा रोड स्थित पेपर मिलों द्वारा फैलाए जा रहे भयंकर प्रदूषण को लेकर मीरापुर विधानसभा सीट से विधायक मिथलेश पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बेहद संवेदनशील पत्र लिखा है। पत्र में विधायक ने आरोप लगाया है कि नियमों को ताक पर रखकर चल रही ये पेपर मिलें ग्रामीणों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही हैं, जिसके कारण कई गांवों में कैंसर, टीबी और निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारियां पैर पसार चुकी हैं। हालत यह है कि ग्रामीण अब गांव छोड़ने (पलायन करने) को मजबूर हो रहे हैं।

शुद्धिकरण के बिना जमीन में उतारा जा रहा केमिकल युक्त पानी:

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक मिथलेश पाल ने कहा कि शुकतीर्थ जाने वाले मार्ग (भोपा रोड) पर संचालित कई पेपर मिलें प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। मिलों से निकलने वाले जहरीले और संक्रमित पानी को बिना ट्रीट किए (साफ किए) सीधे धरती के भीतर (बोरिंग के जरिए) उतारा जा रहा है। इससे क्षेत्र का भूगर्भ जल पूरी तरह विषैला हो चुका है। दूषित पानी पीने के कारण आस-पास के गांवों में महामारी जैसी स्थिति बन गई है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच में चौंकाने वाला खुलासा:

ग्रामीणों द्वारा गांव छोड़ने की चेतावनी दिए जाने के बाद मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया द्वारा प्रभावित गांवों में एक मेडिकल टीम भेजी गई थी।

  • शुरुआती जांच की रिपोर्ट: प्राथमिक चिकित्सीय जांच में ही ग्राम मखियाली, चांदपुर और मण्डूरा के ग्रामीणों में कैंसर, निमोनिया तथा टीबी के गंभीर रोगी पाए गए हैं।
  • बढ़ सकती है मरीजों की संख्या: टीबी व अन्य लक्षणों की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर सैंपल लिए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद टाइफाइड, निमोनिया और कैंसर के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हो सकता है।

अफसरों और मिल मालिकों की साठगांठ से जनता त्रस्त:

विधायक मिथलेश पाल ने सीधे तौर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि इस जानलेवा प्रदूषण के संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रदूषण विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अफसर मिल मालिकों से मोटी साठ-गांठ करके बैठे हैं। अधिकारियों की इसी मिलीभगत के कारण आज हजारों ग्रामीणों का जीवन संकट में पड़ गया है।

इन गांवों पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा:

विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए मखियाली, चांदपुर, कासमपुरा, रहकड़ा, भण्डूरा (मण्डूरा), मुझेडा और बाखरनगर आदि गांवों के नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की गुहार लगाई है। सख्त कार्रवाई की मांग की है। मीरापुर विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रदूषित पानी छोड़ने वाली दोषी पेपर मिलों के खिलाफ तत्काल कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मिल मालिकों को संरक्षण देने वाले और साठ-गांठ करने वाले प्रदूषण विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग को कड़े निर्देश जारी किए जाएं। इस पत्र के बाद प्रशासनिक गलियारों और प्रदूषण विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह है कि लखनऊ से इस पर क्या कड़ा एक्शन लिया जाता है।

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