मुजफ्फरनगर: “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख” के गगनभेदी नारों के साथ मुजफ्फरनगर का सोनार समाज स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गया है। समाज के आराध्य महाराजा अजमीढ़ की प्रतिमा स्थापित करने में हो रही देरी और पुलिस द्वारा धारा 411 के नाम पर किए जा रहे कथित उत्पीड़न को लेकर श्री मेढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। समाज ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में वे न केवल चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेंगे, बल्कि अपने निर्दलीय प्रत्याशी उतारकर राजनीतिक दलों का समीकरण बिगाड़ने का काम करेंगे।
यह निर्णय मुजफ्फरनगर के मोहल्ला गौशाला स्थित अमित वर्मा के निवास पर आयोजित श्री मेढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा सर्राफ के नेतृत्व और पूर्व कानूनगो बृज भूषण वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले भर से आए सोनार समाज के सैकड़ों गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक का संचालन समिति के कोषाध्यक्ष सतीश वर्मा ने किया।

“धारा 411 के नाम पर चोर साबित कर रही पुलिस, ठप्प हो रहा व्यापार”
बैठक को संबोधित करते हुए समाज के अध्यक्ष पवन वर्मा ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही समाज में महाराजा अजमीढ़ जी के वंशजों का एक गौरवशाली स्थान रहा है, लेकिन वर्तमान में पुलिस प्रशासन द्वारा भारतीय न्याय संहिता/संविधान की धारा 411 (चोरी का माल खरीदने का आरोप) का घोर दुरुपयोग किया जा रहा है। सुनार का पुश्तैनी व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और निर्माताओं पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें चोर साबित करने का अनुचित कार्य किया जा रहा है।
पवन वर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा की जा रही इस एकतरफा कार्रवाई के कारण व्यापारियों को जेल भेजा जा रहा है, जिससे उन्हें भारी सामाजिक और आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। इस खौफ के कारण आभूषण निर्माता आज अपना व्यवसाय छोड़ने को मजबूर हैं, जिससे देश की इस प्राचीन शिल्पकला और संस्कृति का ह्रास हो रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि विभिन्न राज्यों के सांसदों और मंत्रियों द्वारा भी देश की संसद में धारा 411 में संशोधन की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
“महापुरुष की प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों ने फेरा पानी”
बैठक में समाज के गौरव महाराजा अजमीढ़ महाराज की प्रतिमा और स्मारक की मांग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा नजरअंदाज किए जाने पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया। समिति के महासचिव सुनील वर्मा ने पूरे मामले का ब्योरा देते हुए बताया कि कुछ महीने पहले नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की बोर्ड बैठक में महाराजा अजमीढ़ जी की मूर्ति स्थापना के लिए शामली रोड पर खाली पड़े एक स्थान को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर स्वीकृति दी गई थी। इस प्रस्ताव को सहारनपुर कमिश्नरी से भी प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी थी।
इसके बाद सोनार समाज का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल इस स्वीकृत प्रस्ताव को शासन स्तर से अंतिम रूप दिलाने की मांग को लेकर नगर विधायक और राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल से मिला था। लेकिन लंबे समय से लंबित पड़े इस मामले में जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार उदासीनता बरती जा रही है और समाज की इस उचित मांग को दरकिनार किया जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि जब मुजफ्फरनगर जनपद के अनेक चौराहों पर विभिन्न महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित की जा सकती हैं और मार्गों को सुसज्जित किया जा सकता है, तो सोनार समाज के आराध्य के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है?
2027 के लिए बनाई रणनीतिक घेराबंदी, राजनीतिक दलों में हलचल
सोनार समाज ने अब राजनीतिक दलों को उनके ही अंदाज में जवाब देने का मन बना लिया है। वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव के समय सोनार समाज का वोट पाकर सत्ता तो हासिल कर लेती हैं, लेकिन सरकार बनने के बाद समाज के अस्तित्व को भुला दिया जाता है। समाज ने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।
बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सोनार समाज एकजुट होकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का बहिष्कार करेगा और पूरे प्रदेश में निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराएगा। समाज के नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा, “यदि हमारा प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सका, तो वह अपने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को हराने का काम जरूर करेगा।” इसके साथ ही उन्होंने एक विकल्प भी खुला रखा कि यदि कोई राजनीतिक दल अपने चुनावी घोषणा पत्र में धारा 411 में संशोधन और प्रतिमा स्थापना की मांग को प्रमुखता से शामिल करेगा, तो समाज उसे अपना पूर्ण समर्थन देने पर विचार कर सकता है।
अमित वर्मा का हुआ सम्मान, कई लोग रहे मौजूद
बैठक के दौरान श्री मेढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति के अध्यक्ष पवन वर्मा जी द्वारा अमित वर्मा को पटका पहनाकर और महाराजा अजमीढ़ महाराज की भव्य तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से समन्वय समिति के उपाध्यक्ष शिवकुमार वर्मा, प्रवक्ता महेश वर्मा, प्रवीण वर्मा, रामकुमार वर्मा, नरेश कुमार वर्मा, रोहताश वर्मा, हिमांशु वर्मा, हीरालाल वर्मा, प्रवीण कुमार, सुनील कुमार वर्मा, सचिन वर्मा, कोकील वर्मा, त्रष कुमार मास्टर जी, सुरेश चंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा एडवोकेट, संजय वर्मा सर्राफ (कटरा मोचियान), शिवम वर्मा, भोला सर्राफ, रवींद्र वर्मा (बिरालसी वाले), योगेश वर्मा, सुशील वर्मा (शामली वाले), मास्टर अनिल कुमार, सुनील कुमार, रूपचंद वर्मा, गौरव वर्मा, आशु वर्मा, राहुल वर्मा, शुभम वर्मा, बृजमोहन वर्मा (तहसील वाले), विजय वर्मा, मनोज वर्मा, शशांक वर्मा, सुनील वर्मा (बरवाला), मनोज वर्मा (पाजेब वाले), पूर्व सभासद राजेश वर्मा, मनोज वर्मा, विकास वर्मा, रामकुमार वर्मा (नेहा साउंड) और संजीव वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।




