Home » मुजफ्फरनगर » कांवड़ यात्रा में शुद्धता से समझौता नहीं: आधी रात को कांवड़ मार्ग पर उतरीं सहायक आयुक्त अर्चना धीरान, जांची ढाबों पर बने खाने की गुणवत्ता

कांवड़ यात्रा में शुद्धता से समझौता नहीं: आधी रात को कांवड़ मार्ग पर उतरीं सहायक आयुक्त अर्चना धीरान, जांची ढाबों पर बने खाने की गुणवत्ता

Facebook
X
WhatsApp

मुजफ्फरनगर: श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों और आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं है। आयुक्त और जिलाधिकारी के सख्त आदेशों के बाद, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने जनपद के सभी कांवड़ मार्गों पर मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ा महाअभियान छेड़ दिया है।

इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) अर्चना धीरान खुद आधी रात को अपनी टीम के साथ कांवड़ मार्ग के निरीक्षण पर उतर पड़ीं।

दिल्ली–दून हाईवे स्थित बरला में शिवा ढाबा पर टीम के साथ चेकिंग करती सहायक आयुक्त खाद्य अर्चना धीरान। सौ. विभाग

रात में औचक निरीक्षण: जब खुद सड़क पर उतरीं सहायक आयुक्त

आमतौर पर विभागीय कार्रवाइयां दिन के उजाले तक सीमित रहती हैं, लेकिन कांवड़ यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए सहायक आयुक्त अर्चना धीरान ने खुद कमान संभाली। शुक्रवार (24 जुलाई 2026) की देर रात जब कांवड़ मार्ग पर ढाबों और होटलों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही थी, तभी अधिकारियों की टीम ने औचक छापेमारी शुरू कर दी।

अचानक हुई इस नाइट-चेकिंग से मिलावटखोरों, अस्वच्छ तरीके से भोजन परोसने वाले दुकानदारों और बिना लाइसेंस काम करने वालों में हड़कंप मच गया। टीम ने देर रात तक जागकर मार्ग पर स्थित समस्त ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट, ठेलों, रेहड़ी और फल विक्रेताओं का बारीकी से मुआयना किया और मौके पर ही सख्त निर्देश जारी किए।

‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ से होगी सीधी निगरानी, लाइसेंस चस्पा करना अनिवार्य

पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को सीधे विभाग से जोड़ने के लिए रात में ही सभी प्रतिष्ठानों पर विशेष निर्देश लागू कराए गए:

  • दुकान पर दिखेगा लाइसेंस: सभी होटल और ढाबा संचालकों को पाबंद किया गया है कि वे अपना फूड लाइसेंस या पंजीकरण (Registration) दुकान के ऐसे हिस्से में चस्पा (Paste) करें, जहाँ ग्राहकों की सीधी नज़र पड़े।
  • QR कोड से खुल जाएगी पोल: प्रतिष्ठानों पर ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ (Food Safety Connect App) के पोस्टर भी चस्पा किए गए। इस पोस्टर पर मौजूद QR कोड को कोई भी श्रद्धालु या ग्राहक अपने मोबाइल से स्कैन करके उस दुकान की पूरी कुंडली (वैधता) निकाल सकता है।
  • टोल-फ्री नंबर पर तुरंत शिकायत: यदि किसी को भोजन की शुद्धता या साफ-सफाई में कोई भी गड़बड़ी दिखती है, तो वे सीधे ऐप या टोल-फ्री नंबर के जरिए विभाग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

बासी भोजन और कैमिकल रंगों पर ‘स्ट्रिक्ट बैन’

निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त ने दुकानदारों को सैनिटेशन और हाइजीन (स्वच्छता) को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई और स्पष्ट गाइडलाइंस दीं:

  • नो बासी फूड: एक समय का बना भोजन केवल उसी समय परोसा जाएगा। दोपहर का बचा खाना रात में या रात का बचा खाना अगले दिन सुबह परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध है। हर बार ताजा भोजन तैयार करना होगा।
  • खुले मसाले और रंग प्रतिबंधित: भोजन में किसी भी तरह के कृत्रिम या कैमिकल रंगों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। दुकानदारों को केवल बंद पैकेट वाले ब्रांडेड मसालों और ताजी सब्जियों के उपयोग की हिदायत दी गई है।
  • कटे हुए फल नहीं बिकेंगे: फल विक्रेताओं को खुले में रखे या पहले से कटे और सड़े-गले फल बेचने से पूरी तरह मना किया गया है।

श्रद्धालुओं और आम जनता को भी जगाया

रात के इस विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीम ने कांवड़ मार्गों के आसपास मौजूद स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों से भी संवाद किया। उन्हें जागरूक किया गया कि वे अत्यधिक रंग-बिरंगे व्यंजनों, बासी खान-पान और खुले में बिक रहे कटे हुए फलों से दूर रहें, ताकि इस पावन यात्रा के दौरान उनका स्वास्थ्य उत्तम बना रहे।

सहायक आयुक्त ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि कांवड़ यात्रा के संपन्न होने तक दिन और रात, दोनों समय यह औचक निरीक्षण अभियान ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ लगातार जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

Gold and Silver price

Share Market